इंटरनेट क्या है, Internet काम कैसे करता है जानिए

आज के वक़्त में जीवन जीने के लिए सांस के साथ-साथ Internet भी जरूरी हो गया है और इसकी वजह है डिजिटल इंडिया. वैसे इंडिया का Digital होना गलत नहीं है क्योंकि इसकी मदद से केवल 2% लोग ही ऐसे बचे है जो इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते है. इस बढ़ते Internet के क्रेज़ को देखते हुए सभी कंपनियां अपनी Internet service को और बेहतर करने में लगी है. लेकिन अब सवाल यह उठता है कि यह इंटरनेट काम कैसे करता है और इस इंटरनेट की शुरुआत कहाँ से हुई थी.

कुछ वक़्त पहले तक यह सब व्यर्थ लगता था लेकिन Technology के इस ज़माने में इंटरनेट के बिना इंसान अधूरा है. हर कोई अपनी जिंदगी के साथ-साथ इंटरनेट की स्पीड में भी रफ़्तार चाहता है. इस रफ़्तार भरी लाईफ में कुछ ऐसे सवाल पीछे छूट जाते है जिनके बारे में हम जानना चाहते थे जैसे कि इंटरनेट काम कैसे करते होगा? खैर इस खबर को पढ़कर आप यह जानेंगे कि Internet के काम करने की पूरी प्रक्रिया क्या है, तो आइए जानते है.

इंटरनेट (Internet) क्या है

Experts की मानें तो इंटरनेट (Internet) एक जाल है जिसमें इस दुनिया का हर एक मनुष्य फंसा हुआ है. साल 1969 में यूएस (US) के रक्षा कार्यालय ने APRA (Advance Research Project Agency) को नियुक्त कर चार computer का एक network तैयार किया था. उस दौरान चारों कंप्यूटरों में ‘डाटा एक्सचेंज’ और ‘शेयर’ किया गया. इसके बाद दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को जोड़ने की इस प्रक्रिया को कई एजेंसियों के साथ दोहराया गया जो सफल रहा. कुछ वक़्त के बाद इसका नेटवर्क बढ़ने लगा, जिसके चलते आम लोगों के लिए इसे ओपन कर दिया गया. वैसे इंडिया में इंटरनेट (Internet) की शुरुआत साल 1995 में Government कंपनी बीएसएनएल (BSNL) के द्वारा हुई थी.

इंटरनेट (Internet) वर्क कैसे करता है

कुछ सालों पहले तक उपग्रह की मदद से इंटरनेट वर्क करता था लेकिन वह बहुत स्लो था. बदलते वक़्त और बढ़ती टेक्नोलॉजी के चलते इंजीनियरों ने मिलकर एक नई प्लानिंग को अंजाम दिया जिसमें ‘Optical fiber cables’ का उपयोग किया गया था. इसका उपयोग Fast Internet के लिए किया गया था. वैसे Internet के काम करने की इस प्रक्रिया में एक और दिलचस्प बात है. दरअसल, 90% इंटरनेट ऑप्टिकल फाइबर केबल्स की मदद से चलता है लेकिन 10% Internet की बागडोर एक खुफिया एजेंसी के हाथों में है जो पूरी 100% इंटरनेट वर्किंग पर नज़र रखे हुए है.

Optical fiber cables कहाँ होती है

इंजीनियरों की मानें तो 8 लाख किलोमीटर से भी ज्यादा लंबाई वाली ऑप्टिकल फाइबर केबल को समुन्द्र में बिछाया जाता है. ध्यान रहें, समुन्द्र में वही केबल बिछाई जाती है जो कम नुकसानदेह हो. वैसे इंटरनेट बंद ना हो और समुन्द्र में मौजूद जहाजों को भी परेशानी ना हो, इसके लिए एक ऐसी टीम का गठन किया गया है जो 24 घंटे Cable पर नज़र रखती है.

यदि आसान शब्दों में बात करें कि इंटरनेट के काम करने की प्रक्रिया क्या है तो सबसे पहले इंटरनेट को तीन हिस्सों में डिवाइड करते है. इन तीन हिस्सों में से पहला हिस्सा सर्वर (Server) को कहा जाता है. यहाँ सभी जानकारियाँ सेव (Save) रहती है. इसके बाद दूसरे नंबर पर सर्विस प्रोवाइडर (Service Provider) होता है जो सर्वर की सभी जानकारियों को हम तक पहुंचाता है. इस कहानी का तीसरा और आखिरी हिस्सा हमारे स्मार्टफोन या कंप्यूटर का ब्राउज़र होता है जिसके माध्यम से हम सर्च करते है. यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही सेकंड्स की होती है.

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