गर्ल्स के लिए दुनिया में सबसे ज्यादा आजादी मिलने वाली जगह होती है गर्ल्स होस्टल लाइफ सभी लडकियों की जिन्दगी बड़ी ही अनोखी होती है. यहाँ पर गर्ल्स की लाइफ बहुत ही मस्ती और मजेदार होती है. क्यों की गर्ल्स होस्टल की लडकियों को वो आजादी मिल जाती है. जो शायद उन्हें अपने घर में नहीं मिलती यहाँ पर वो जो चाहे कर सकती है. देर तक फोन पर बाते कर सकते है अपनी फ्रेंड्स से गप्पे लड़ा सकती है. और भी बहुत कुछ कर सकती है गर्ल्स और आज हम आप को कुछ इन्हीं बातो के बारे बतायेगे

अपनी फिलासफी करना: लडकियों का घर से दूर गर्ल्स होस्टल में रहना सबसे ज्यादा इमोशनल होता है. और फिर जब मिल जाये अपनी रूममेट तो हो जाती है शुरू आपनी फिलासफी करने को.

कही भी सेल्फी टाइम: गर्ल्स होस्टल में लडकिया कभी भी शुरू हो जाती है सेल्फी लेना और फिर चाहे लड़कियां सिगल तो कभी अपने फ्रेंड्स के साथ ग्रुप्स बना कर सेल्फी लेती रहती है.

एक्सरसाइज टाइम: गर्ल्स होस्टल में कई सारी लड़कियां होती है और हर रोज लड़कियां एक –दूसरी लडकियों को देखा कर उनके फिगर के बारे में बाते करती रहती है. इस के बाद किसी लड़की ने कह दिया की तुम्हे एक्सरसाइज करना चाहिए तो फिर तो पूरा गर्ल्स होस्टल ही शुरू हो जाता है एक्सरसाइज करने.

अपना पसंदीदा मैगी खाना: गर्ल्स होस्टल में रोजाना एक ही बात बार – बार होती है. खाने के बारे में क्यों की गर्ल्स कहती है की दाल में पानी कम तो कभी ज्यादा हो जाता है. और इस लिए गर्ल्स होस्टल की लडकियों के लिए उनका मन पसंद खाना मैगी होता है.

फ़ोन और फेसबुक: गर्ल्स होस्टल में जितनी भी लड़कियां होती है. सभी अपने फ़ोन और फेसबुक पर ही लगी रहती है. और कुछ टाइम नहीं बल्कि घंटो फ़ोन और फेसबुक पर लगी रहती है और यह नहीं है की यह सारे गुण लडकियों में ही है. लड़के भी अपने होस्टल में यही सब करते है.

शोपिंग करना: लडकियों को सबसे ज्यादा पसंद होता है शोपिंग करना इस बात का अनुमान लगाना नामुमकिन होता है की जब लडकियों को पता चल जाये गई किसी जगह पर सेल लगी है. तो बस सब लडकिया शुरू हो जाती है.

गप्पे लड़ाना: ये तो आप सब भी जानते है होगे लड़कियां गप्पे लड़ाने में कितनी माहिर होती है. जब भी कही उन्हें मोका मिलता है बस बिना मतलब के गप्पे लड़ाना शुरू कर देती है तो फिर तो यह एक गर्ल्स होस्टल है तो यह पर तो हर टाइम ही लड़कियां गप्पे लड़ाती होगी ना ऐसी होती है गर्ल्स होस्टल की मजेदार जिन्दगी.

सब हलाकि कई लड़कियां हॉस्टल में सिर्फ और सिर्फ पढाई करती है. उन्हें बाकि लडकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता है. वे सिर्फ अपने काम से काम रखती है. क्यों की हर यक्ति एक सा नहीं होता और सबकी अपनी अपनी सोच होती है.

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