दिलवालो के पास नहीं है दिल, सड़कों पर भटक रहे है किसान

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किसान भारत देश की रीढ़ की हड्डी माने जाते है पर क्या हम उनकी सहायता करते है। आज लाखो किसान गरीबी और भुखमरी के चलते मोत का दामन छू रहे है। भारत देश में कई किसान अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर रहे है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों तक सरकार की कई योजनाएं नहीं पहुंच पा रही है। आज कई किसान भोजन के लिए तरस रहे है. इस भुखमरी से बचने के लिए क ई किसानों ने गांव से रिश्ता तोड़कर सहायता के लिए शहरो का रुख अपनाया है।

शहरो में मदद की अपेक्षा से आये किसानों को किसी भी तरह से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है जिसके चलते आज वह सभी उम्मीदों को छोड़कर मोत को गले लगा रहा है। जो हमें भोजन देता है वही भोजन के लिए दर दर की ठोकर खा रहा है। इसी मुद्दे पर सोशल मिडिया पर एक वीडियो अपलोड किया गया है जिसमे दिखाया गया है की  दिल्ली की जनता किसानों के साथ केसा बर्ताव करती है एक किसान भुखमरी से बचने के लिए शहर मे लोगो से मदद की गुहार लगा रहा है लेकिन कोई उसकी सहायता करने के लिए नहीं आता है ।

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