ये उम्र देसी लोगो के लिए गोल्डन पीरियड

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हम सब सभी जानते हैं की 18 से 25 के बीच के साल की उम्र अधिकतर देशी लड़कों के लिए गोल्डन पीरियड माना जाता है. ग्रेजुएशन कॉलेज तक की पढाई पूरी हो जाने के बाद वो अपने करियर पर ध्यान देना शुरू कर देते हैं. और पैसे के बारे में सोचना शुरू कर देते हैं इसी के साथ वो अपनी जिन्दगी के हर पल को जीने की कोशिश करने लगते हैं. कई चीजों को अलग ढंग से देखना शुरू कर देते हैं अब यहाँ न तो किसी से पैसे मांगने की मजबूरी रह जाती है और न ही पढ़ाई में बंध जाते है. ये बात लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए लागु होती है.

यही वो टाइम होता है जब वो लड़कियों की ओर भी खास आकर्षित होते है और अपना टाइम शायद वेस्ट भी करने लगे है अब हम यहाँ कुछ ऐसी बातों को जिक्र करते है, जो 18 से 25 साल की उम्र में एक देसी लड़का लड़कियों से एक्सपेक्ट करता है.

Golden Period of Life

यहाँ खूबसूरती बहुत मायने रखती है.

कॉलेज लाइफ से ही लड़के लड़कियों के पीछे पागल रहते है हर समय उनके बारे में सोचते है उनके साथ रहना पसंद करते है. आज के समय में हर किसी को वाइफ हो या गर्लफ़्रेन्ड सबसे खूबसूरती चाहिए होती जो सबसे अलग हो लड़को को खूबसूरत और आकर्षक नजर आने वाली लड़कियों के साथ ही रहना ज्यादा पसंद होता है. ऐसी लड़कियों के साथ रहना लड़कों गर्व फील कराता है.

लड़कियों के ग्रुप में रहना पसंद.

अधिकतर लड़के किसी एक लड़की के साथ घूमने के बजाय लड़कियों के ग्रुप में घूमना उनसे जुड़े रहना ज्यादा पसंद करते हैं.किसी एक के साथ घूमने से बेहतर ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ घूमना-फिरना अच्छा लगता है. हलाकि कुछ लोग अलग भी होते है जिन्हें एकांत पसंद होता है. वहीं दूसरी तरफ अगर कोई लड़की शादी की बात तक पहुँच जाती है तो लड़कों के ये बात बिलकुल पसंद नहीं आती.

कई लड़कियों के साथ फ्लर्ट.

ये उम्र ही शायद ऐसी होती है कि लड़कों में खुद ब खुद ऐसा आत्मविश्वास आ जाता है. अब वो टीनएज से बाहर आ चुके होते हैं समझदार (मैच्योर) हो जाते है इस उम्र में चाहते हैं कि अधिक से अधिक लड़कियों के साथ आसानी से फ्लर्ट कर सकें.काफी हद तक ये स्टाइल स्टेटमेंट भी कहा जा सकता है. वो किसी एक लड़की के साथ रिलेशनशिप में बंधने के बजाय कई लड़कियों के साथ फ्लर्ट करना लड़कों को ज्यादा अच्छा लगता है. .

सेक्स सबसे बड़ी वजह.

हमारे देश में सेक्स करने की उम्र तो 18 है लेकिन कई देशी इस उम्र को पार करने के पहले ही सेक्स कर चुके होते है. ये उम्र ही ऐसी होती है.लड़कों के अलावा लड़कियों में तेजी से कई तरह के शारीरिक मानसिक हार्मोनल का बदलाव महसूस करते हैं ऐसे में हो सब जानना चाहते है. की सेक्स क्या है कैसे होता है अपने अनुभव को लेकर काफी एक्साइटेड होते जाते है. और अपनी इन इच्छाओ को पूरा करना कहते है.

वादे नहीं करते.

लोग सब कुछ करने को तैयार है अपनी महत्वकांशी इच्छाओ को पूरा करने उनके लिए सबसे बढ़ा एम होता है. पर फिर भी किसी से कोई वादे नहीं करते और किसी से कमिटमेंट कर भी दे तो पूरा नहीं कर पाते. ऐसा लगता है कि वे अभी-अभी तो हम आजाद हुए हैं और किसी भी तरह के वादे (कमिटमेंट) उन्हें आगे नहीं बढ़ने देगा. तो वो प्यार तो करते हैं पर वादों से बचते हैं. यहाँ पर ये बात भी है की आपको अगर किसी पर भरोसा हो जाये तो उसे पूरा भी करते है.

झगड़ा करने की आदत.

इनमे पंगे लेना तो आदत में शुमार होता है: कॉलेज लाइफ में भी ऐसे स्टूडेंट्स होंगे जो दूसरों के झगड़े में भी घुस जाते हैं. वे हमेशा मार-पीट करने के पीछे नहीं रहते हैं. उन्हें तो बस कोई मुद्दा चाहिए और बस झगड़ा में शुरू हो जाते हैं. इसी कारण कई बार कभी कभी बड़े विवादों में पढ़ जाते है और अपना करियर तक बर्बाद कर लेते है.

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