काश लड़का होती लड़कियां

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ऐसे तो आजकल की जनरेशन मे कोई भी लड़का और लड़की मे कोई फर्क नहीं मानता है लेकिन क्या इस न्यू जनरेशन ने यह बात पूरी तरह से खत्म कर दी है क्योकि आज भी कुछ जगहे ऐसी है जहां पर आज भी लड़का और लड़की को लेकर भेदभाव किया जाता है लेकिन कभी भी कोई भी यह नही सोचता है की किसी भी लड़की और लड़के की एक अपनी जगह होती है क्योकि लोगो का कहना होता है की लड़के बहुत ही हिम्मत और साहसी होते है वही लड़कियां बहुत ही भावुक और कमजोर स्वभाव की होती है इस लिए कई बार लड़कियां भी यह सोचने पर मजबूर हो जाती है की काश वह भी एक लड़का ही होती तो कोई भी उन्हे कमजोर नहीं कहते इस लिए आज हम आप लोगो को कुछ ऐसी ही बाते बताने वाले है जब लड़कियां यह सोचती की वह भी एक लड़का होनी चाहिए थी ।

1.रात होने से पहले घर आ जाना

जब भी कोई लड़की किसी भी काम से घर से बाहर जाती है तो उसके परिवार वाले जाते टाइम हमेशा यही कहते है की रात होने से पहले घर वापस आ जाना इस लिए लड़कियां उस टाइम यही सोचती है की अगर वह लड़का होती तो क्या उसके साथ यह सब होता ।

2.कई भी घूमने की इजाजत न मिलना

जब लड़की को अपने दोस्तो के साथ मे कई बाहर घूमने जाना हो और घर वाले उसे जाने की इजाजत नहीं देते है तो हर लड़की के दिमांग मे एक ही ख्याल आता है की इससे अच्छा तो वो लड़का होती तो अच्छा होत कम से कम उसे बाहर घूमने जाने की आजादी तो मिल सकती थी।

3.घर की इज्जत

अक्सर जब लड़कियां को किसी प्रकार का कोई काम या कोई निर्णय लेना होता है तो उससे हमेशा ही यही कहा जाता है की वह घर की इज्जत है और इस लिए कोई भी फैसला सोच समझकर ही ले ।

4.पीरियड के दौरान

लड़कियो के लिए पीरियड एक ऐसा टाइम होता है जिसमे लड़कियो को दर्द चिड़चिड़ापन आने लग जाता हैजो उसके गुस्से की वजह से लड़कियों के मन मे आता है की काश हो भी लड़का ही होती ।

5.लड़कियो अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता

लड़कियों को सब के सामने अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया जाता हैयदि वह अपनी बात कहने की कोशिश भी करे तो उन्हे हमेशा ही सबके सामने चुप करवा दिया जाता है ।

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