बेहद रोचक: क्यों हम सब ये झूठ रोज़ बोलते है

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बेहद रोचक: क्यों हम सब ये झूठ रोज़ बोलते है

जीवन में जब कुछ मनोरंजक बाते होती है तो जीवन काफी सुखमय व्यतीत होता है.जिंदगी में ऐसी कई बाते होती है जिन्हे याद कर हम मन ही मन मुस्कुराते है.हमारे जीवन में ऐसी कई चीजे होती है जिनपर हम ध्यान नहीं देते.पर वह बेहद रोचक होती है.

बस आखरी :

जब हम छोटे थे तब हमारी मम्मी हमें हर निवाले के साथ बड़े प्यार से कहती थी.बस आखरी निवाला लेकिन असलियत में वह सिर्फ एक बहाना होता था.हमें खाना खिलाने का

दो शब्द का भाषण :-

जब कोई सभा आयोजित की जाती है तो सभा आयोजक मंच से मुख्य अतिथि को सम्भोधित करते हुए कहता है की अब आपके सामने हमारे मुख्य अतिथि दो शब्द कहेंगे। लेकिन वह भाषण दो शब्दों का नहीं कई समय का होता है। क्या कभी आपने  दो शब्दों का भाषण सुना है?

क्या आप यह पढ़ते  है ?

जब भी हम किसी साईट पर साइनअप करते है तो वहा लिखा हुआ आता है की मेने सारी शर्तो और नियम को पढ़  लिया है. तब आप सोशल साइट को लॉगिन करते है.जबकि कोई भी वह सारे नियम ओर शर्तो को नहीं पढता .

सिर्फ दो मिनट :-

जब हम किसी कम से जाते या कही से आ रहे होते है.आपको आने मे या जाने मे कितना भी समय लगे लेकिन हम बस एक ही बात कहते है.रुको मे दो मिनट मे आता हु।