मानसून के आते ही मन मे अलग ही उमंग जाग्रत हो जाती है। चहु ओर हरयाली ओर बेहतरीन मोसम मे घूमने जाना किसे पसंद नहीं। बारिश होने पर हर किसी का मन पनि की बुंदों को खुद मे समेटने की जिज्ञासा होती है।सभी की अलग अलग सोच होती है। बारिश मे कोई भीगना पसंद करता है तो कोई घर्म मे दुबक कर बेटा रहता है। खेर यह तो सब की अलग अलग पसंद है। लेकिन बारिश के आते है मन मे कई तरह ख्याल आते है जेसे

कागज़ की कश्ती :-

बारिश आते ही मन मे सिर्फ एक ही ख्याल आता है वह कागज की कश्ती को पानी मे डालना ओर दोस्तो से कंपीटीशन करना की किसकी नाव सबसे आगे रहती है। स्कूल की कापी के पन्ने फाड़कर जहाज बनाना ओर परिवार की डाट खाना आज भी याद आता है।

कीचड़ और गंदगी :-

कुछ व्यक्तियों को बारिश का मोसम बिलकुल पसंद नहीं आता, बारिश मे होने वलर कीचड़ से कई व्यक्तियों को सख्त नफरत होती है। कई व्यक्तियों का मानना है की बारिश मे लोग क्या खूबसूरती देखते है इन्हे गंदगी नहीं दिखती, जगह जगह कीचड़ उफ़्फ़ क्या है यह ?

चाय-समोसे और पकौड़े :-

बारिश के आते है ठंडे मोसम चाय समोसे ओर मूंग के भजिए सॉस की याद आना तो लाज़मी है। घर के पास की दुकान पर तो जेसे मेला सा लग जाता है।बारिश होते ही समोसे का नाम सुनते ही मुह मे पानी आ जाता है।

रिमझिम बारिश मे याद का सताना :-

यदि आपका मूड खराब है तो बारिश मे आपका मन फिर से खिलखिला उठता है। बारिश की बुंदों के साथ हमारे करीबी की याद हमे ओर भी बेचेन बना देती है। एसे समय मे यदि प्यार भरे नगमे सुनाई दे तो मानो दिल के सभी सुर एक साथ मधुर संगीत बजाने लग जाते है।

लाइट का बार बार जाना :-

यदि आप हाइसोसाइटी मे रहते है तो आपको इस बात का अंदाजा नहीं होगा लेकिन छोटे छोटे शहरो या गाव मे यदि बारिश की कुछ बुँदे भी गिरती है तो करंट फेलने के डर से लाइट बंद कर दिया जाता है।

बारिश मे गड्डो वाली सड़क का सफर :-

बारिश के आते ही गली मोहल्ले की सड़क मानो गड्डो का रास्ता बन जाती है हर तरह पानी कीचड़ दिमाग का ऑमलेट बना देती है लेकिन उन गड्डो वाली सड़क का सफर करना भी मजेदार होता था। इस तरह की सड़क किनारे पेदल चलने वालो को तो डर ही बना रहता की कब कोन सी गाड़ी उन्हे शावर का अहसास करा दे।