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फर्श से अर्श को सच किया साउथ के भगवान ने

कहा जाता है की उम्र के साथ व्यक्ति का आत्म विश्वाश खत्म होने लगता है लेकिन इस सुपरस्टार का अपना ही अंदाज है बड़ती उम्र के साथ इंका आत्म विश्वाश ओर बालिवूड के लिए प्यार ओर भी बदता जा रहा है। इसी लिए इन्हे साउथ का भगवान कहा जाता है जी हा हम बात कर रहे है महान सुपरस्टार रजनीकान्त के बारे मे। जिन्होने अपने करियर मे कई उतार चड़ाव देखे है। समय के साथ खुद को परिस्थितियो मे ढालने वाले रजनीकान्त का जीवन कई संघर्षो से भरा हुआ है।

रजनीकान्त का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। रजनी तमिल सिनेमा के भगवान कहे जाते है।फिल्मों से पहले रजनी बस कंडक्टर थे। उन्होने अपना जीवन बड़ी कठिनाइयो से व्यतित किया, कई परेशानियों के बावजूद रजनी ने खुद को खरे सोने का निखारा। रजनी ने फिल्मी जगत मे पहला कदम 1975 मे आई तमिल फिल्म अपूर्वा रागंगाल से किया था। रजनी अक के बाद अक कामयाबी की सीडियो पर चलते गए ओर अपना रास्ता बनाते गए। फिल्मों मे अपनेर बेहतरीन अभिनय ओर अपने अलग अंदाज द्वारा बोले जाने वाले डायलोग आज भी लोगो की जुबा पर है।

2007 मे आई सुपरहिट फिल्म शिवाजी मे किए गए बेहतरीन अभिनय से रजनी ने 26 करोड़ की रकम प्राप्त की थी। वर्ष 2014 तक अपने बेहतरीन अभिनय से रजनी ने कुल 6 फ़िल्म अवार्ड अपने नाम कर लिए थे। रजनी ने बेस्ट तमिल अभिनेता के लिए फ़िल्मफेयर अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है। भारत सरकार ने 2000 मे रजनी को पद्म भुषण एवं 45 वे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल मे रजनी को इंडियन फ़िल्म पर्सनालिटी ऑफ़ द इयर से सम्मानित किया जा चुका है।

रजनीकांत का व्यक्तिगत जीवन :-

रजनीकान्त का जन्म 1950 मे 12 दिसंबर को मराठी परिवार मे हुआ था। उनके पिता का नाम रामोजी राव व माताजी का नाम रमाबाई था। महज 9 साल की उम्र मे रजनी के सर से माँ हाथ उठ गया था। लेकिन रजनी ने फिर भी हिम्मत नहीं हरी ओर जीवन की कठिन डगर पर चलते रहे। अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद रजनी के कई जगह कम किया। सबसे पहले रजनीकान्त कुली का काम करते थे। बाद मे वह बस कंडक्टर के पद पर कार्यरत हुये। रजनीकान्त ने 26 फरवरी 1981 मे विवाह के बंधन मे बंधे। रजनीकान्त की दो बेटियाँ है।

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