बचपन को व्यक्ति अपने अंतिम दिनों तक भूल नहीं सकता। दोस्तों के साथ वह मौज मस्ती, स्कूल न जाने के वह अजीबो गरीब बहाने, नदी में लम्भी छलांग लगाना, खेतो में जा कर मुगफली खाना शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो बचपन की उन यादो को अपने दिल से निकाल सकता है।

आज का युग बदलाव का दौर है। इस दौर में हर चीज बदल गई है। वीडियो गेम की जगह मोबाईल ने ले ली है, टीवी की जगह एलइडी ने ले लिया है। आज के दौर में वह मौज मस्ती कहा जो  90 के दशक में थी। लेकिन अब तो बच्चो को इंटरनेट से ही फुर्सत नहीं मिलती तो जिंदगी में मौज मस्ती कहा से करे। जिनका जन्म 90 के दशक में या उसके आस पास हुआ होगा उन्होंने इन चीजो का खूब आनंद लिया होगा।  आज हम आपको उन दिनों की याद दिलाते है जो बचपन में हमने की है।  जिसे हम कभी भी भूल नहीं सकते। है

1.जंगल में इस तरह की खोज करना

 2. पापा से मेला देखने जाने की ज़िद 

 3. सभी सिक्को को इकठ्ठा कर जो ख़ुशी मिलती थी, आज हजार रूपये होने पर भी नहीं मिलती 

4. आज के बच्चे इस रिश्ते का कभी पता नहीं लगा पायेगे 

5.जिस बच्चे के पास यह होता था तो सब बच्चे उसे राजा कहते थे

6. दोस्तों से अक्षर शर्त लगाना सबसे बेहतर कौन की? 

7. मारुति 800 को पाना मतलब लक्जरी कार पाने जैसा होता था 

8. जिस व्यक्ति के पास यह मोबाईल होता था उसे समृद्ध व्यक्ति माना जाता था

9.क्या होती है ? टेंशंन नहीं पता था :-

10. रविवार को जल्दी उठ कर दोस्तों के साथ दूरदर्शन पर  मोगली, रंगोली, महाभारत देखना :- 

11. विध्या के लिए किताबो में फूल पत्ती रखना :- 

12.हर रात को बेसब्री से दूरदर्शन पर विक्रम बेताल का इंतजार करना :- 

13. आसमान में उड़ते हुए प्लेन को निशान बनाना  :- 

 

14.शनिवार की जगह सनडे को करना पढ़ा था शक्तिमान 

15.रामायण के महाभारत आते ही सड़के सुनसान हो जाना 

महाभारत

16. ओर वो हमारा ब्लैक एंड व्हाइट टीवी जिसमे रोज़ मच्छर आ जाते थे.

17. जब भूख लगे तो पारले जी है न 

18. स्कूल के बैग मे चाचा चोधरी की कॉमिक बूक 

- - Advertisement - -