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September 23, 2017

..तो इसलिए खजुराहो मंदिर में बनाई गई ऐसी मूर्तियां

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950 ई.से 1050 ई में निर्मित हुआ खजुराहो का मंदिर अपनी नग्न मूर्तियों एवं सम्भोग,कामुक मूर्तियों के कारण विश्व प्रसिद्ध है. जिसे देखने के लिए प्रतिवर्ष लाखो सैलानी देश विदेश से आते है.

मंदिर के बाहर दिवालो पर उकेरी गई इन मूर्तियों को निहारने के लिए भीड़ लगती है. जानकारी क्र अनुसार खजुराहो में करीब 85 मंदिर थे. लेकिन अब शेष 22 मंदिर ही बचे.

खजुराहो के मंदिरो पर सम्भोग करते हुए बनाई गई इन तस्वीरों को देखने पर कभी भी मन में कसी भी प्रकार का कोई गलत ख़याल नहीं आता क्यों की यह इतनी प्यारी और खूबसूरती से बनाई गई है की हर कोई सिर्फ उसकी सुंदरता को निहारने में ही खो जाता है. कभी भी किसी के मन में गलत ख्याल नहीं आता है.

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माना जाये तो मंदिर के बाहर इस तरह मूर्तियों का क्या राज है ये तो हमें  पता नहीं लेकिन इन मूर्तियों के लेकर सभी अपने अपने अनुसार अलग अलग जवाब देते है. खजुराहो की यह मुर्तिया हमारी प्राचीन सभ्यता का भखान करती है. इस तरह की मुर्तिया बनाने के पीछे  राज एक नहीं बल्कि अनेक है हर किसी की जुबान पर अलग अलग कहानी है.

1- माना जाये तो कहा जाता है की पहले के ज़माने के राजा भोग विलास अधिक करते थे. और भोग विलास में उनकी रूचि अधिक थी इसलिए उन्होंने मंदिर के बाहर भी सम्भोग करती हुई मूर्तियों का निर्माण कराया था.

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2- कहा जाता है की मंदिर ही एक ऐसी जगह है जहापर हर कोई जाता है ऐसा कोई व्यक्ति न होगा जो मंदिर नहीं जाता होगा. इसलिए सेक्स की शिक्षा देने के लिए मंदिर से अच्छा और बढ़िया विकल्प उन्हें नहीं मिला. उनका मानना था की यदि व्यक्ति इस तरह की आकृतियों को निहारता रहेगा या देखता रहेगा तो उसे सम्भोग की सही शिक्षा प्राप्त होती रहेगी.

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3- कुछ का मानना है की व्यक्ति को जीवन की लड़ाई लड़ते हुए कई कठिन रास्तो से होकर गुजरना है. जिसमे धर्म, अर्थ, योग और काम मुख्य है. मंदिर के नहर नग्न मूर्ति बनाने का मुख्य उदेश्य है की जीवन में सिर्फ यही एक ऐसा काम है जिसे करने के बाद हमें ईश्वर की शरण में जाना आवश्यक  है इसलिए मंदिर के बाहर इस तरह की मुर्तिया लगाईं गई है.

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4- एक मान्यता तो यह भी है की एक समय जब बौद्ध धर्म का अधिक प्रचार हो रहा था एवं हिन्दू धर्म संकट में आ गया था जिसे बचाने के लिए मंदिर के बाहर नग्न मूर्तियों के निर्माण की योजना बनी. कहा जाता है की व्यक्ति योन सम्बन्ध की तरफ अधिक आकर्षित होता है इसलिए मंदिर के बाहर इस तरह की मुर्तिया बनाई गई ताकि अधिक से अधिक व्यक्ति मंदिर आये और इसी बहाने वह भगवान के दर्शन भी कर ले.